Friday, October 30, 2020
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    Navratri 2020: कल से हो रही है शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शक्ति उपासना का पर्व यानी कि शारदीय नवरात्रि कल शनिवार, 17 अक्तूबर से आरंभ होने जा रहा है। अश्विन माह की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना की जाएगी। इस नौ दिनों के उत्सव में भक्त देवी की आराधना करते हैं। वैसे तो साल में दो बार नवरात्र आते हैं, लेकिन शारदीय नवरात्र की विशेषता है कि घरों में कलश स्थापना के साथ-साथ पूजा पंडालों में भी स्थापित करके मां भगवती की आराधना की जाती है। 

    प्रतिपदा तिथि को माता के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री के साथ ही कलश स्थापना के लिए भी अति महत्त्वपूर्ण दिन होता है। कलश स्थापना या कोई भी शुभ कार्य शुभ समय एवं तिथि में किया जाना उत्तम होता है। तो आइए जानते हैं घट या कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त के बारे में…

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    शुभ मुहूर्त
    अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 तक 
    स्थिर लग्न कुम्भ- दोपहर 2:30 से 3:55 तक 
    चौघड़िया/कलश स्थापना-दोपहर 2:30 से 3:55 तक 
    दूसरा स्थिर लग्न वृष- शाम 07:06 से रात 09:02 बजे तक  
    शुभ चौघड़िया- 07:30 तक 
    कलश स्थापना- शाम 07:08 से 07:30 बजे तक

    पूजा विधि 
    – शुभ मुहूर्त में कलश या घट स्थापना करें।
    – इस दिन पूरे नौ दिनों तक देवी की आराधना करें।
    – नवरात्र के नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की पूजा और आराधना करें। 
    – पूरे नवरात्रि में दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए।
    – इन दिनों में ब्रह्म मुहुर्त में श्रीरामरक्षा स्तोत्र का पाठ बहुत शुभफलदायी होता है।

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    – इस समय पूरे नियम से माता दुर्गा के शरणागत रहना चाहिए क्योंकि यही भक्ति की सर्वोच्च अवस्था है।
    – इस दिन माता के किसी सिद्ध पीठ का दर्शन कर आशीर्वाद लें।
    – प्रतिदिन माता के मंदिर जाकर विधिवत दर्शन करने के साथ पूजा करें।
    – इन दिनों में रामरक्षा स्त्रोत का पाठ करें, इससे दैहिक, दैविक तथा भौतिक तापों का नाश होता है।
    – नवरात्रि में श्री रामचरित मानस का पाठ बहुत पुण्यदायी बताया गया है।  
    – मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए पूरी नवरात्रि व्रत कर अंतिम दिन हवन करें।
     



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