Monday, October 26, 2020
More
    Home International रिपब्लिकन हिन्दू समूह ने ट्रंप के लिए अभियान में लाई कमी

    रिपब्लिकन हिन्दू समूह ने ट्रंप के लिए अभियान में लाई कमी

    अरुल लुइस

    वाशिंगटन, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। साल 2016 के चुनाव में इस समय तत्कालीन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप हजारों हिन्दू समर्थकों की एक बड़ी रैली को संबोधित कर रहे थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है, बल्कि होने की संभावना भी नहीं है।

    रिपब्लिकन हिंदू कोऑलिशन (आरएचसी) ने 15 अक्टूबर, 2016 को न्यूजर्सी में उस रैली का आयोजन किया था लेकिन इस साल उन्होंने निर्णय किया है कि जब तक ट्रंप इमीग्रेशन में सुधार करने की गारंटी नहीं देंगे, वो ट्रंप के लिए कोई प्रचार अभियान नहीं करेंगे।

    आरएचसी के संस्थापक शलभ कुमार ने आईएएनएस से कहा, हम अपने समूह के सदस्यों से ट्रंप का समर्थन करने के लिए कहेंगे और हिंदुओं से ट्रंप को वोट देने का आग्रह करेंगे, लेकिन हम 2016 जैसे किसी भी तरह के के प्रचार कार्यक्रम का आयोजन नहीं करेंगे, जिसमें 8,000 लोगों ने हिस्सा लिया था।

    उन्होंने आगे कहा, पिछली बार हमने अबकी बार ट्रम्प सरकार का नारा दिया था लेकिन इस बार हम राष्ट्रपति के साथ बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि ग्रीन कार्ड को लेकर स्थिति की स्पष्टता पा सकें।

    उन्होंने बताया कि आरएचसी में लगभग 50,000 सदस्य हैं, जिनमें पूरी दुनिया के हिन्दू शामिल हैं।

    जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन कोविड -19 महामारी के कारण बड़ी रैलियां नहीं कर रहे हैं, वहीं ट्रंप अपने लिए एक हिंदू कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं। उन्होंने हिन्दू वॉइसेस फॉर ट्रंप नाम से एक प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो अलग से सिखों, मुसलमानों और भारतीय-अमेरिकियों को टारगेट करता है लेकिन उन्होंने हिन्दुओं के लिए कुछ नहीं किया है।

    वहीं डेमोक्रेट्स पहली बार राजा कृष्णमूर्ति के प्रतिनिधित्व में हिंदूज फॉर बिडेन के जरिए हिन्दुओं तक पहुंच रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी में हुए इस बदलाव को देखते हुए, कुमार ने चुटकी ली, हमने कम से कम हिन्दू शब्द को लोकप्रिय बना दिया है।

    कुमार जहां इमिग्रेशन सुधारों के जरिए ग्रीन कार्ड के पुराने मामलों का निपटारा (बैकलॉग) चाहता है। क्योंकि करीब 10 लाख लोगों का ग्रीन कार्ड बनना है और वे बहुत परेशानी में हैं। वहीं ट्रंप योग्यता के आधार पर इमिग्रेशन की बात करते हैं।

    रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली के अनुमान के अनुसार, बैकलॉग को लेकर स्थिति इतनी खराब है कि कुछ भारतीयों को ग्रीन कार्ड पाने में 195 साल लग सकते हैं। ग्रीन कार्ड स्थायी प्रवासी का दर्जा देता है और इसे पाने वालों को पूरी नागरिकता पाने की सूची में शुमार करता है।

    कुमार कहते हैं, हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इमिग्रेशन के मुद्दे को ध्यान में रखा जाए, चाहे ट्रंप फिर से चुनकर आएं..जैसा कि हम चाहते हैं। लेकिन जमीन पर वास्तविकता को देखते हुए अगर बाइडन राष्ट्रपति बनते हैं तो हम चाहते हैं कि तब भी इस मुद्दे को ध्यान में रखा जाए।

    एसडीजे/वीएवी



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Most Popular

    दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ

    नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से...

    केरल: सोने की तस्करी मामले में फरार आरोपी को एनआईए ने किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के सोने के तस्करी मामले में फरार चल रहे एक प्रमुख आरोपी राबिन्स के. हमीद...

    बिग बॉस 14 : राहुल के जान कुमार को नॉमिनेट करने पर नेपोटिज्म ट्रेंड

    मुंबई, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिग बॉस-14 के प्रतियोगी राहुल वैद्य ने जान कुमार सानू को नेपोटिज्म को लेकर नॉमिनेट किया, जिसके...

    सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, चुनाव आयोग लेगा रैलियों पर फैसला

    नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में तीन नवंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों से जुड़े हाईकोर्ट के एक आदेश...

    Recent Comments

    WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com