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Tuesday, August 3, 2021

चयन संबंधी परेशानियां दूर करना चाहता हूं : डीडीसीए सीएसी चेयरमैन वासन

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नई दिल्ली, 4 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अतुल वासन के लिए यह दिसंबर दिल्ली एवं जिल क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में पुरानी यादें लेकर आया है। एक साल पहले उन्हें डीडीसीए की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। एक साल बाद शुक्रवार को उन्हें डीडीसीए की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

वासन ने कहा है कि उनका मकसद दिल्ली के क्रिकेटरों के लिए रोडमैप बनाना और चयन संबंधी परेशानियों को दूर करना है।

डीडीसीए के नए अध्यक्ष रोहन जेटली ने सीएसी का गठन किया है जिसमें वासन के अलावा रोबिन सिंह जूनियर और परविंदर अवाना हैं।

वासन ने आईएएनएस से कहा, दिल्ली में किसी तरह का स्ट्रक्चर नहीं है। पूरे साल क्रिकेट के आयोजन संबंधी कोई सिस्टम नहीं है। डीडीसीए की कोई इन-हाउस अकादमी भी नहीं है। इसी के कारण प्रतिभाशाली युवा पूरे साल तैयारी नहीं कर पाते। मेरे पास रोडमैप है और मुझे अगर मंजूरी दी जाती है तो मैं इसे लागू करना चाहूंगा। मैं इसे रोहन को दूंगा और मुझे लगता है कि वह समझेंगे।

भारत के लिए एक टेस्ट और नौ वनडे खेलने वाले वासन को चयन के मामलों में दखलअंदाजी से परेशानी है। इसका अनुभव उन्होंने सीनियर चयन समिति का अध्यक्ष रहते हुए किया है।

उन्होंने कहा, दिल्ली की चयन प्रक्रिया ज्यादा दूरदर्शी नहीं है। क्लबों को संतुष्ट करने की नीति को बंद होना चाहिए। इस प्रक्रिया को रुकना चाहिए। चयनकर्ता आमतौर पर क्लबों को संतुष्ट करने के लिए खिलाड़ियों को चुनते हैं। डीडीसीए में इस समय यह हो रहा है कि डीडीसीए क्लबों से कुछ खिलाड़ियों का नाम ट्रायल्स के लिए भेजने के लिए कहते हैं।

उन्होंने कहा, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो चार-पांच नाम भेजे गए हैं वो सर्वश्रेष्ठ हों, वह कोच के पसंदीदा होने चाहिए। इस तरह हम सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं चुन सकते।

सीएसी का गठन एक साल के लिए किया गया है। जेटली का कार्यकाल जून तक का है इसके बाद चुनाव होंगे। वासन चाहते हैं कि उन्हें डेढ़ साल का समय मिले।

वासन ने कहा, लीग को ज्यादा प्रतिस्पर्धी होना होगा। पारंपरिक लोग सोचते हैं कि प्रतिभा तभी निकल कर सामने आएगी जब मल्टी डे क्रिकेट मैच आयोजित किए जाएंगे। लेकिन मुझे लगता है कि अगर आप टी-20 क्रिकेट भी कराते हैं तो आपको ज्यादा प्रतिभा मिलेगी जिसे आप पहचान कर निखार सकते हैं। मान लीजिए की आप टी-20 लीग में से 20 खिलाड़ी चुनते हैं, 10 उसमें से लंबे प्रारूप में अच्छे खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

सीएसी का मुख्य काम डीडीसीए अध्यक्ष को चयन समिति, प्रशिक्षकों, मैनेजेर, सपोर्ट स्टाफ के लिए नाम सुझाने का है। सीएसी का काम इन पदों के लिए नाम सुझाने के बाद खत्म हो जाएगा।

वासन ने कहा, लेकिन बड़े पैमाने पर चीजों को लागू करना अलग बात है क्योंकि जो भी चयनकर्ता चुना जाएगा उस पर दबाव होगा। मैं चयनकर्ता रहा हूं, मैं दबाव ले सकता हूं, मैं लोगों को निपट सकता हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दूसरे में भी इतनी हिम्मत हो, क्योंकि हो सकता है कि उन्हें इस नौकरी की जरूरत हो (आमदनी के लिहाज से)। इस तरह से टीमें नहीं बनाई जाती। आपको वो लोग चाहिए जिन्हें इस नौकरी की जरूरत न हो।

इस बार सीएसी में वासन को रोबिन और अवाना के साथ काम करना है। इत्तेफाक यह है कि एक साल पहले जिस सीएसी ने वासन को डीडीसीए के मुख्य चयनकर्ता के पद से हटाया था उसमें रोबिन और अवाना दोनों थे। इन दोनों के अलावा सुमित नरवाल भी थे, लेकिन उन्होंने उस बैठक में हिस्सा न लेने का फैसला किया जिसमें वासन को हटाने का निर्णय लिया गया।

वासन, रोबिन और अवाना को अब मिलकर काम करना है।

एकेयू/जेएनएस



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