Wednesday, March 3, 2021
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    विनायक चतुर्थी 2021: आज इस विधि से करें श्री गणेश की पूजा, मिलेगी बप्पा की कृपा

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गणेश भगवान को सर्वप्रथम पूजे जाने वाला भगवान बताया गया है। भगवान गणेश खुद रिद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता हैं। वैसे तो हर पूजा और शुभ कार्य से पहले बप्पा की पूजा की जाती है, लेकिन प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का अलग ही महत्व है, जब श्रीगणेश की आराधना की जाती है। इस बार यह 16 जनवरी 2021 यानी कि आज है।

    विनायक चतुर्थी को भगवान गणेश को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा गया है। वह भक्‍तों की बाधा, सकंट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। गणेश जी का नाम विनायक होने के कारण इसे विनायक चतुर्थी व्रत भी कहा जाता है। वहीं कई भक्त विनायक चतुर्थी व्रत को वरद विनायक चतुर्थी के रूप में भी मनाते हैं।

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    पूजन विधि
    – विनायक चतुर्थी पर स्नान कर गणेश जी के सामने दोनों हाथ जोड़कर मनए वचनए कर्म से इस व्रत का संकल्प करना चाहिए।
    – भगवान गणेश की पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर अपना मुख रखें। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र सामने रखकर किसी स्वच्छ आसन पर बैठ जाएं। 
    – इसके बाद फल फूल, अक्षत, रोली और पंचामृत से भगवान गणेश को स्नान कराएं। इसके बाद पूजा करें और फिर धूप, दीप के साथ श्री गणेश मंत्र का जाप करें।
    – इस दिन गणेश जी को तिल से बनी चीजों का भोग लगाएं। ऐसा माना जाता है कि तिल का लड्डू या मोदक का भोग लगाने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। 

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    संध्या काल में स्नान कर, स्वच्छ वस्त्र धारण कर विधिपूर्वक धूप, दीप, अक्षत, चंदन, सिंदूर, नैवेद्य से गणेशजी का पूजन करें।
    – इस दिन गणेश जी को लाल फूल समर्पित करने के साथ अबीरए कंकू, गुलाल, हल्दी, मेंहदी, मौली चढ़ाएं। मोदक, लड्डू, पंचामृत और ऋतुफल का भोग लगाएं। 
    – इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष, श्रीगणपतिस्त्रोत या गणेशजी के वेदोक्त मंत्रों का पाठ करें। 
    – फिर वैशाख चतुर्थी की कथा सुने अथवा सुनाएं। 
    – गणपति की आरती करने के बाद अपने मन में मनोकामना पूर्ति के लिए ईश्वर से विनती करें।  



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