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Tuesday, August 3, 2021

राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदे की अवैध वसूली, राष्ट्रीय बजरंग दल के खिलाफ FIR दर्ज

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Highlights

– अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के नाम पर अवैध वसूली को लेकर मुरादाबाद में दूसरी एफआईआर दर्ज हुई

– राष्ट्रीय बजरंग दल के खिलाफ मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ केस

– राम मंदिर निधि समर्पण समिति के मंत्री प्रभात गोयल ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

मुरादाबाद. अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के नाम पर अवैध वसूली को लेकर मुरादाबाद में दूसरी एफआईआर दर्ज हुई है। बता दें कि देशभर में राम मंदिर निर्माण में सहयोग राशि को लेकर हिंदू संगठन जागरुकता अभियान चला रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद और संघ के सभी संगठन मिलकर सहयोग राशि एकत्रित करने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि मुरादाबाद में एक के बाद एक कथित हिंदू संगठनों द्वारा ठगे के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में कथित राष्ट्रीय बजरंग दल के खिलाफ मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि इससे पहले मुरादाबाद के मझोला थाने में विश्व हिंदू महाशक्ति संगठन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

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राम मंदिर निधि समर्पण समिति के मंत्री प्रभात गोयल ने बताया कि हमारे कुछ कार्यकर्ता शनिवार को कृष्णा नगर कजरीसराय में राम मंदिर निर्माण के लिए सहयाेग राशि एकत्रित करने गए थे। वहां लोगों ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही चंदा दे दिया है। इस दौरान उन्होंने 21 और 25 रुपए की रसीदें भी दिखाईं। जब हमारे कार्यकर्ताओं ने चंदा लेने वालों के विषय में पूछा तो उन्होंने पांच लोगों के नाम बताए। इस पर हमने कंफर्म करने के लिए उन लोगों को फोन लगाते हुए पूछा कि आप चंदा जमा कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि हां हम मंदिर के लिए चंदा एकत्र कर रहे हैं। जबकि राम मंदिर के लिए चंदा एकत्रित करने का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं दिया गया है।

मंत्री प्रभात गोयल ने बताया कि उन लोगों ने अपने संगठन का नाम राष्ट्रीय बजरंग दल बताया है। जबकि विहिप की युवा ईकाई का नाम बजरंग दल है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल को बदनाम करने के लिए उससे मिलता हुआ नाम रखकर फर्जी रसीद बनवाई गई हैं। इतना ही नहीं आरोपियों ने हमारी पत्रिका से श्री राम मंदिर की फोटो भी रसीद पर छपवाई है। इस मामले में हमने उन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। गोयल ने बताया कि हमारे संगठन में 21 और 25 रुपए की कोई रसीद नहीं है। ये लोग आरएसएस और विहिप को बदनाम करना चाहते हैं।

प्रभात गोयल ने बताया कि राम मंदिर के नाम पर सहयोग राशि संग्रह का अभियान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार द्वारा बनाई गई ट्रस्ट ही चला रही है। अयोध्या की ट्रस्ट के मंत्री चंपक राय हैं। विहिप और आरएसएस के सभी संगठन मिलकर इस योजना का क्रियान्वयन कर रहे हैं। हमारे पास 10, 100, और एक हजार रुपए के कूपन हैं, जिन पर श्रीराम का चित्र है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि जिस क्षेत्र से चंदा एकत्रित किया जाता है उसकी निश्चित टीम और पदाधिकारी हैं।

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