Thursday, February 25, 2021
More
    Home National UnionBudget: विपक्ष ने आम नागरिकों की कमर तोड़ देने वाला बजट बताया,...

    UnionBudget: विपक्ष ने आम नागरिकों की कमर तोड़ देने वाला बजट बताया, कांग्रेस बोली- निजीकरण की राह पर सरकार  

    डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट पेश किया। केंद्रीय बजट 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष आवंटन के साथ ही कुछ नई योजनाओं की सौगात मिली है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा, चार्जर और मोबाइल फोन के कुछ पार्ट्स पर छूट वापस लेने से स्मार्टफोन के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण तेजी से बढ़ा है। अब हम मोबाइल और चार्जर जैसी वस्तुओं का निर्यात कर रहे हैं।

    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बज़ट का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया गया है परन्तु इसका मतलब यह नहीं है कि बज़ट में कृषि को जगह नहीं मिली। NABARD के लिए आवंटन बढ़ाया गया है ताकि किसानों तक ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले, हमने पिछले साल जो कुछ देखा उसके चलते स्वास्थ्य क्षेत्र को बज़ट में बड़ी जगह दी गई है। जिसमें प्रयोगशालाओं की स्थापना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, ब्लॉक्स में क्रिटिकल केयर सेंटर की स्थापना, टेस्टिंग लैब आदि शामिल हैं।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बजट में MSME और इंफ्रास्ट्रक्टर पर विशेष ज़ोर दिया गया है। ये बजट जिस तरह से हेल्थ केयर पर केंद्रित है वो भी अभूतपूर्व है। इस बजट में दक्षिण के हमारे राज्य,पूर्वोत्तर के हमारे राज्य और उत्तर में लेह-लद्दाख जैसे क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। 

    विपक्ष ने आम नागरिकों की कमर तोड़ देने वाला बजट बताया… 

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ‘सरकार लोगों के हाथों में पैसे देने के बारे में भूल गई, मोदी सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की है’।

    यह बजट देश निर्माण के लिए नहीं था बल्कि देश बेचने के लिए था। आप जानते हैं कि कई संस्थानों की संपत्तियों को बेचा गया। जितनी संपत्तियां बची है उसे निजी क्षेत्र को देने की तैयारियां चल रही है। आम नागरिकों की कमर तोड दी गई। चंद लोगों का ख्याल इस बजट में रखा गया है।– तेजस्वी यादव, RJD

    इस बजट ने उन सभी प्रदर्शनकारी किसानों को क्या दिया? बीजेपी हमेशा कहती थी कि वो आय दोगुनी करेगी, क्या इस बजट से किसानों की आय दोगुनी हो रही? हमारे युवा जो पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए काम, रोज़गार के लिए इस बजट में क्या व्यवस्था की गई है, क्या इनको रोज़गार मिलेगा।– अखिलेश यादव, SP

    हमें उम्मीद थी कि असाधारण स्थिति में जब बजट पेश होगा तो इसमें असाधरण कदम उठाने की झलक मिलेगी। लेकिन सरकार असाधारण स्थिति में बड़े साधारण और निजीकरण की राह पकड़ कर खुद को बचाना चाहती है।अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस

    केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाते-बनाते भी ज़िंदगी गुजर जाएगी। कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन इसमें(बजट) से कितना निकलेगा ये पता चलेगा: बजट में लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के प्रस्ताव पर फारूक अब्दुल्ला, नेशनल कांफ्रेंस 

    बजट में केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ धोखा किया है। दिल्ली को सिर्फ 325 करोड़ रुपये दिए हैं। दिल्ली को पिछले 17 सालों से केंद्र सरकार 325 करोड़ रुपये देती आई हैं। एक रुपये भी नहीं बढ़ाया। उम्मीद थी कोरोना काल में पैसा बढ़ाकर दिया जाएगा।– दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

    ‘यह बजट चंद बड़ी कम्पनियों को फ़ायदा पहुंचाने वाला बजट है। ये बजट महंगाई के साथ आम जन-मानस की समस्याएं बढ़ाने का काम करेगा।।– दिल्ली के मुख्यमंत्री अरबिंद केजरीवाल’

    मेक इन इंडिया ,डिजिटल इंडिया  के पुराने नारों की तरह अब आत्मनिर्भर  के नए नारे के साथ आंकड़ों की हेराफेरी कर देश की जनता को गुमराह करने का काम इस बजट में किया गया है। जो लोग एफ़डीआई का विरोध करते थे वो आज एफ़डीआई को हर क्षेत्र में लागू कर रहे है। यह बजट पूरी तरह से आमजन विरोधी  है। – पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 

    यह जनविरोधी बजट है। वे हमेशा गलत बयान देते हैं। भारत का पहला पेपरलेस बजट लगभग हर क्षेत्र में बिका। बजट में असंगठित क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी





    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Most Popular

    Recent Comments