Saturday, February 27, 2021
More
    Home International Nepal: गौतम बुद्ध को भारतीय कहे जाने पर नेपाल विदेश मंत्रालय का...

    Nepal: गौतम बुद्ध को भारतीय कहे जाने पर नेपाल विदेश मंत्रालय का बयान, कहा- महात्मा का जन्म लुंबिनी में हुआ था


    डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के महात्मा गौतम बुद्ध को भारतीय कहे जाने पर प्रतिक्रिया दी है। नेपाली विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक सबूतों से सिद्ध तथ्य है कि गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था। बुद्ध की जन्मस्थली और बौद्ध धर्म की उत्पत्ति स्थली लुंबिनी यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज साइट में से एक है। वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया है।

    पीएम मोदी के बयान का जिक्र किया
    विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 में नेपाल यात्रा का भी जिक्र किया, जिसमें पीएम ने कहा था, ‘नेपाल ऐसा देश है जहां विश्व शांति के प्रतीक बुद्ध का जन्म हुआ था।’ नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, यह सच है कि बौद्ध धर्म समय के साथ नेपाल से दुनिया के अन्य हिस्सों में प्रसारित हुआ। बयान में कहा गया कि यह मामला किसी विवाद या शक से परे है और यह बहस का विषय नहीं हो सकता। पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बारे में पता है। इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने विवादित बयान देते हुए भारतीय अयोध्या को नकली बताते हुए कहा था कि असली अयोध्या नेपाल में है।

    भारतीय विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
    नेपाल के विदेश मंत्रालय के बयान के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक स्पष्टीकरण जारी किया। स्पष्टीकरण में लिखा है: ‘विदेश मंत्री की कल CII के इवेंट में टिप्पणी हमारी साझा बौद्ध विरासत को संदर्भित करती है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था, जो नेपाल में है।’ बता दें कि विदेश मंत्री ने कहा था, महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध दो ऐसे भारतीय महापुरुष हैं जिन्हें दुनिया हमेशा याद रखती है। उन्होंने सवाल किया था कि अब तक के सबसे महान भारतीय कौन हैं जिन्हें आप याद रख सकते हैं? मैं कहूंगा कि एक गौतम बुद्ध हैं और दूसरे महात्मा गांधी हैं।

    माडी में राम मंदिर निर्माण का फैसला
    उधर, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा ने नेपाल के माडी को भगवान राम का जन्मस्थान बताते हुए राम मंदिर निर्माण का फैसला किया है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय प्रतिनिधियों को प्लान तैयार करने को कहा है जबकि अधिकारियों का मानना है कि पहले वहां के लोगों की असल समस्याएं हल की जाएं, उसके बाद राम मंदिर बनवाया जा सकता है। बता दें कि पिछले महीने ओली ने दावा किया था कि भारत ने सांस्कृतिक अतिक्रमण के लिए नकली अयोध्या का निर्माण किया है। जबकि, असली अयोध्या नेपाल में है।



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Most Popular

    Recent Comments